WHAT DOES आसति MEAN IN HINDI?
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Definition of आसति in the Hindi dictionary
Asti pu feminine 0 [hin 0] give 'Awasthi' U-do not say yes See you, bin nao, you are.-Kabir Grant, p152 आसति पु संज्ञा स्त्री० [हिं०] दे०
'आसत्ति' । उ०—आसति कहूँ न
देखिहूँ, बिन नाँव तुम्हारे ।—कबीर ग्रं०, पृ० १५२ ।
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10 HINDI BOOKS RELATING TO «आसति»
Discover the use of
आसति in the following bibliographical selection. Books relating to
आसति and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
1
Sahitya Darpan Of Kaviraj Vishwanath Sampurna
'गोरे:' का सम्बन्ध 'अनिष्ट के साथ है-उसके बीच में प्रकृत का अनुपयोगी 'भूक्तपू' पद आ पका है है एवं 'देवदलेन' के पूर्व अनुपयुक्त पअन्दिमान्' व्यवधान हो गया है, अत: आसति नहीं रही । अतएव यह ...
2
Sahityadarpan (Srivishwanathak Virajkrit) Pratham ...
एवं 'देवस-नि' के पूर्व अनुपयुक्त पअरिनमान्' व्यवधान हो गया है, अता आसति नहीं रहीं । अतएव यह वाक्य नहीं । अय-य-प पूहींक्त जिज्ञासा इच्छारूप होने के कारण आत्मा में रहती है और योग्यता ...
बलि, विश ( २ ) मुग्ध, मोहित : आय-ख-संज्ञा पुर [ सो ] ( १ ; अनुरक्ति, निता । ( २ ) लगन, च, प्रेम : आसति---संशा रबी. [ सो आसति ] निकटता, समीपता उ-सूर तुरत तुम जाय कले यह ब्रहा विना नहि आसति----२९१ ९ ।
Premanārāyaṇa Taṇḍana, 1962
4
Paraśurāmasāgara, sākhī-grantha - Volume 1
हरि आसति बिनु, उखधि रोगी जीवै न कोय । सोइ जीवै परसराम, हरि ऊखधि वसि होय ।४। परसा हरि आसति बिनां, ऊखधि वोत न होय । वैद धनंतरि क्यौं मरै, ओषधि आसति होय ।५। परसा हरि जीवन जड़ी, भूले पर ...
Paraśurāmadeva, Rāmaprasāda Upādhyāya, 1967
5
Hindī Khaṇḍanakhaṇḍakhādya
सामऔलचर्ण करणे करणे व्यभिचारयति--अतान्नीति ही १४४ 11 उक्त रीति से कियासम्ब८धी अयोगव्यवउछेदवाला यदि करण हो तो कृतिका की उदयकिया में रोहिणी की आसति ( सामीप्य = सम्बन्ध ) ...
Śrīharṣa, Navikānta Jhā, 1970
6
Tulasīdāsa kī kārayitrī pratibhā kā adhyayana
आसति अथवा सन्दिधि को कार्य बहुत कुछ पल के प्रयोगन्हें रूपों से है । जहाँ पद स्वयं ससक्त और निर्भान्त रहते हैं, वहाँ आकांक्षत्, योग्यता और सन्दिधि उ-------------, १---शलथ० य: वियोगी हरि ...
३ : येकमेका जीवाचे गेले आसति हात येकरिका जीवाचे गेले आसति टोले ; धील्लेसे भोई म्हणीनियाँ : ६ । ऐसे' में गा जन भूलले या सुखा : पावताति दुल्ला म्हणीनियाँ । ७ । गणेशनाथ म्हणे या ...
8
Sūradāsa ke Bhramaragīta meṃ upalabdha nirguṇa-saguṇa ...
यह मत दें गोपिन कंद आग विरह नदी में आसति । सूर तुरत यह जाय कहीं तुम ब्रहा बिना नहिं आसति । ।" जैसा कि स्वाभाविक ही था, उद्धव ने ब्रज में पहुंचते ही ज्ञान-योंग व निकर ब्रहा की रट ...
9
Vyākaraṇa-darśana meṃ Advaita-vimarśa
यही बल मुक्तावली के शब्द-खण्ड में आती है कि पदों का सन्निधान ही आसति है । प्राचीन न्याय के इस मत को नव्यनैयाविक अमान्य करते हैं : अवयव में व्यवधान न होना ही आसक्ति है ।६४ मत-भेद ...
10
Bhāshāvijñāna aura Hindī bhāshā kā itihāsa
यही स्थिति आसति की भी है । पद्य में तो सर्वत्र आसति का उस किया जाता है । अत: योग्यता वाक्यविन्यास का सर्वाधिक महवय तत्व है : ''भाषाविज्ञान की दृष्टि से योग्यता ही ऐसा तत्व है, ...
Śambhu Nātha Dvivedī, 1971