WHAT DOES जायँ MEAN IN HINDI?
Click to
see the original definition of «जायँ» in the Hindi dictionary.
Click to
see the automatic translation of the definition in English.
Definition of जायँ in the Hindi dictionary
Go to page 1 in vain . Bout Sterilized.jay 2yy 0 [pha 0 go (= ok)] Reasonable Well enough Fine . Suitable . Like, you have to say it. जायँ १ क्रि० वि० [अ० जा़यअ़]
व्यर्थ । वृथा । निष्फल ।
जायँ २ अव्य० [फा़० जा ( = ठीक)]
वाजिब । मुनासिब । ठीक ।
उचित । जैसे,—तुम्हारा कहना जायँ है ।
Click to
see the original definition of «जायँ» in the Hindi dictionary.
Click to
see the automatic translation of the definition in English.
10 HINDI BOOKS RELATING TO «जायँ»
Discover the use of
जायँ in the following bibliographical selection. Books relating to
जायँ and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
1
ग्राम्य जीवन की कहानियां (Hindi Sahitya): Gramya Jivan Ki ...
सारी पसिलयाँ चूरचूर हो जायँ बचा की। महमूदबोला–तो यह िचमटा कोई िखलौना है? हािमद–िखलौना क्योंनहीं है? अभी कन्धे पर रखा, बन्दूकहो गयी। हाथ में लेिलया, फकीरों कािचमटा हो गया, ...
प्रेमचन्द, Premchand, 2012
2
ग़बन (Hindi Sahitya): Gaban (Hindi Novel)
साहबआजयहीं हैं चुंगी रमानेइस गाड़ीवालों ने जो देखा, बाबू तो सोचा जल्दी से देकर छुट्टी पा जायँ। कृपाके िलए दस्तूरी की दूनीरकम वसूल की, और ने श◌ौकसे दी क्योंिक यही मंडीका ...
प्रेमचन्द, Premchand, 2012
3
हाथी के दांत (Hindi Novel): Haathi Ke Daant (Hindi Novel)
14.महाजन. िजस. रास्ते. जायँ. वही. रास्ता. है... (िहतोपदेश) असेम्बली का बज़ट सेशन ख़त्म हो गया। सदस्य लोग अपने बोिरये वक़चेसँभालने लगे। कैन्टीनवाले अपने िबल लेकर दौड़े। सदस्यों ने ...
अमृत राय, Amrit Rai, 2014
4
अवधी लोक साहित्य में प्रकृति पूजा: Awadhi Lok Sahitya Mein ...
काितक कै पूरनमासी, सब सखी जायँ नहाय गंगा नहाये से झुरवाँ, देहूमैया अपनी असीस अपनी असीस मैया बकसौ, िजयें बलमा लाख बरीस। अगहन अग्र मिहनवाँ, पिहरों मैं आगरे की छीट। ई िछिटया ...
विद्या बिंदु सिंह, Vidya Bindu Singh, 2015
5
प्रेमचन्द की कहानियाँ - 05 (Hindi Sahitya): Premchand Ki ...
सारी पसिलयाँ चूरचूर हो जायँ बचा की। महमूद बोला– तो यह िचमटा कोई िखलौना है? हािमद– िखलौना क्योंनहीं है? अभी कन्धे पर रखा, बन्दूकहो गयी। हाथ में लेिलया, फकीरों कािचमटा हो ...
प्रेमचन्द, Premchand, 2014
6
Aagman Tarkshastra - Page 93
उदाहरण के लिए, यदि तीन अलग५अलग दवाएँ टुक ही रोग के तीन अलग५अलग रोगियों को जल के साथ मिलाकर दे दी जाये और तीनों रोगी अच्छे हो जायँ तो मबय-विधि के अनुसार तो रोग के अच्छा होने ...
7
व्यक्तित्व का विकास (Hindi Sahitya): Personality ...
यिद एक कमरे में िभन्निभन्न वाद्य यन्त्र एक सुर में बाँध िदये जायँ, तो तुम सबने देखा होगा िक एक को छेड़ने से अन्य सभी की प्रवृत्ित उसी प्रकार का सुर िनकालने की होने लगती है।
स्वामी विवेकानन्द, Swami Vivekananda, 2013
8
प्रेम पचीसी (Hindi Sahitya): Prem Pachisi (Hindi Stories)
मैं सब ओरसे अपने मन को मारे रहता हूँइसिलए तो िक मेरे पासचार पैसेहो जायँ। काम पड़ने पर िकसी के आगे हाथ फैलाना न पड़े। कुछ जायदाद ले सकूँ, नहीं तो अच्छा घरही बनवा लूँपरइस मन मारने ...
प्रेमचन्द, Premchand, 2012
9
Garuda Purana (गरुड़ पुराण हिंदी):
दान लेने के योग्य व्यक्तिको ही शव्या, कन्या एवं गाँौका दान देना चाहिये और यह भी ध्यान रखना चाहिये कि दो शव्याएँ एकको न दी जायँ, दो कन्याएँ एकको न दी जायँ तथा दो गायें भी एकको ...
निम्न कार्यक्रम तेयार करने की आवश्यकता बताई :(१) मदिरा पान सम्बन्धी विज्ञापनों को रोका जाय तथा सार्वजनिक प्रलोभन बन्द किए जायँ ॥ (२) विदेशी पर्यटकों को सुविधायें दी जायँ ...
3 NEWS ITEMS WHICH INCLUDE THE TERM «जायँ»
Find out what the national and international press are talking about and how the term
जायँ is used in the context of the following news items.
बेलगाम भगवा ब्रिगेड ?
एक राज्य का मुख्य मंत्री कहता है “बीफ खाने वाले भारत में बीफ खाना बंद करदें अगर नहीं बंद कर सकते तो पकिस्तान चले जायँ ?” 2. केंद्र का सांस्कृतिक मंत्री कहता है की “बिसहाड़ा गावँ में जो कुछ भी हुआ है वह एक दुर्घटना थी ”. 3. भगवा खेमे का एक ... «Ajmernama, Oct 15»
टेस्टी एंड सॉफ्ट दही बडा
4 या 5 दही बड़े एक बार में तलिये, जब दही बड़े ब्राउन हो जायँ तब उन्हें कड़ाई से निकाल कर प्लेट में रखिये। सारे दही बड़े इसी तरह से तल कर तैयार कर लीजिये। अब एक बड़े बर्तन में गुनगुने पानी में नमक मिला कर सारे बड़े पानी में भिगो दीजिए। आधा घंटे ... «Sanjeevni Today, Mar 15»
बेल का पेड़
... बाद माखनजी के मन में मे ख्याल आया -" क्यों न इस पीपल और नींम के पेड़ के नीचे एक चबूतरे का निर्माण किया जाय जहाँ पर बैठकर हम अपना चौकड़ी भी लगा सकते हैं और बीच बीच में प्रवचन का भी आयोजन कर सकते हैं, बशर्ते कि कुछ लोग सुननेवाले मिल जायँ. «नवभारत टाइम्स, Sep 10»