WHAT DOES काहु MEAN IN HINDI?
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Definition of काहु in the Hindi dictionary
Kahu Pu all 0 [Hin Qahu] give 0 'Caahu' A- (A) Dry stool Kahu Ghaul, Kahu Sambal Deal Thol.-Kirti 0, p24. (B) Moty Bar in Kahub Haath. Rudur Chai Na Morheh Martha-Indra 0, p. 39. काहु पु सर्व० [हिं० काहू] दे०
'काहू' । उ०—(क) काहु का मल
काहु घौल, काहु संबल देल थोल ।—कीर्ति०, पृ० २४ ।
(ख) मोतिय बर इन काहुब हाथा । रेदुर चढ़इ न मोरेह
माथा ।—इंद्रा०, पृ० ३९ ।
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10 HINDI BOOKS RELATING TO «काहु»
Discover the use of
काहु in the following bibliographical selection. Books relating to
काहु and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
1
Rāmasanehī santakāvya, paramparā aura mūlyāṅkana: reṇa ke ...
संत सखाराम विरचित निम्नलिखित 'छप्पय' छेद इसी प्रसंग में प्रस्तुत है--काहु के तो सिध है, काहु के फिर रिध है । काबू के करामात, आस्था सं, कपाली है ।। काहु के भी ध्यान है, काहु के उठत ...
2
Tulasī kī bhāshā: Avadhī bhāshā tātvika adhyayana
कि-ती क्यो-काहु-काहु (छन्दानुरोध सेर, केहा केही, काहि काहु-काहु-, इन रूपो में सर्याधिक प्रयुक्त रूप "कोउ? है | "कोयों अवधी की रचनाओं के अन्तर्गत है ( "कोयों अवधी को रचनाओं के ...
3
Tulasī kī bhāshā kā vyākaraṇa
(मा० ७-७० ख) अनिश्चय-क सर्वनाम--, एकवचन बहुवचन कर्ता----, आन, और, एक, कोइ, अनि कोई, कोउ, कोऊ, काहु, का हु, काल काहु, केहीं, केही, कोय, इक, कछु कर्म-और, औरहिं, काहु, काहु, केहि, केही, केहू, काकी ...
4
Vidyāpati: anuśīlana evaṃ mūlyāṅkana - Volume 2
एक देय ओ की करहु जनि जाग उठल सूतल अनङ्ग (अनल भी मानक ऊपर मंमथक धार लज्जा सुकि ८श्रीत मतल है।२२३: काहु धरम धरिम१-१ल काहु अऊ-चर, धरि खबर काहु मनोरथ पूर काहु आसा दए बर काहु सख्या अवय ...
Vīrendra Śrīvāstava, 1973
5
Padamavata aura Kanhavata ki bhasha, eka tuanatmaka adhyayana
काहु- घटतहि घटत खोल भा की न । पारौं काहु । 1"३३ काहू- काहु हाथ चंदन के खोरी 1०३' का जोगी का भोगी, काहू ३ न छाड़े काल 1५५ काहूँ- कोउ काहूँ कर नाहि नियाना 1७८८ काहू का बोल न काहूँ ...
6
Climatological data of Netherlands stations: - Issue 7
काहु-क्ष अनाप:, 12-1 [रप., जादू-हु भाहि-थ (1-5 16.: 'लहै-म 03:, कट भेजिये 019 आजके 330, 192 ११9 106 हु१हु 1३१ पृ९त् ६हैंट 292 हुटष्ट 10: 216 036 -२१मी कट कै११न काहु-प 0019 00-2 22.9 19-5 (70011 11-01 00-1 00., ...
Koninklijk Nederlands Meteorologisch Instituut, 1972
7
Tulasī aura Jāyasī kī bhāshā kā tulanātmaka adhyayana - Page 143
तुलसी-तुलसी कहत सुनत सब सब' कोय ।० काहु न कीन्हों सूरत सुनि मुनि मुदित नृपहि बखानहि ।2 दोनों कवियों ने इस रूप का प्रयोग भी समान रूप से किया है । कर्म कारक के अनुसार-.) 'काहु और कार ...
8
Hindī sāhitya: paramparā aura parakha
काहु धरएँ धने-लन काहु असर धरि खहचए काहु मनोरथ पूर काहु आसा वय बंचए काहु सदर अलोक काहु निल आलिङ्गए काहु रोस बरसाए कुटिल भांह भरे भजए 1..::....:.. सन्तीस४ पूर रति विविह परि काहु उजारए कार ...
Vīrendra Śrīvāstava, 1971
9
Kahata Alakhānanda: santavāṇī, Svāmī Alakhānanda Jī ke ...
काहु को ज्ञान मद काहु मद्य ध्याना । काहु विद्या काहु गुण मवाना 1: काहु को घन, काहु बल मद आयो । काहु को जाति काहु रूप सतायो ।१ आठ प्रकार सुरा जग माहिं : युवा-समय जीवन सब खाहिं ।
Alakhānanda (Swami.), Ramāśaṅkara Śrīvāstava, 1971
10
Vidyāpatikr̥ta Kīrttipatākā: mūla Avahaṭṭha kāvya, ...
है (चट-मद यह) काहु धरए ३९ धपीमत्ल, काहु अम्बार धरि खचए४० । काहु मनोरथ उ, कार आभा दए वठचारों१ ।। काहु सख्या ४२ अलोक, काहु निक आना-म । काहु रोम दरकार कू-टिल भोर ४३ गोरे पए । । भम्तोम पुर रति ...
Vidyāpati Ṭhākura, Śaśīnātha Jhā, Govinda Jhā, 1992
9 NEWS ITEMS WHICH INCLUDE THE TERM «काहु»
Find out what the national and international press are talking about and how the term
काहु is used in the context of the following news items.
साइकिल पर 'राम', लोग करें प्रणाम
... चुका है कि उनकी जुबां से हमेशा राम का नाम ही निकलता है। वह कहते हैं सब सुख लहे तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहु को डरना . । मेरे प्राण पखेरू उड़ने से पहले भी जुबां से राम का नाम निकले। विपरीत परिस्थितियों में भी रामलीला का मंचन नहीं छोड़ा. «दैनिक जागरण, Oct 15»
श्रीराम की बरात देगी यमुना शुद्धीकरण का संदेश
इसी संबंध में तुलसीदास जी ने लिखा है कि लेत चढ़ावत खेंचत गाढ़े, काहु लखा देख सब ठाड़े।। सीताजी को प्रेम की अनुभूति हुई। धनुष टूटने की आवाज सुनकर परशुरामजी क्रोधित होते हुए वहां पहुंच गए। इस पर परशुरामजी और लक्ष्मण का संवाद हुआ। बाद में ... «दैनिक जागरण, Oct 15»
संस्कारशाला : धैर्य का सदाचार--अमृतसर
आप के प्रयासों का नतीजा है कि आज रक्षा विभाग मजबूती से खड़ा है। कलाम साहब का कहना है कि 'धैर्य वो शक्ति है जो मलबरी वृक्ष के एक पत्ते को भी रेशम में बदल सकता है।' 'ज्ञानी काटे ज्ञान से, अज्ञानी काटे रोय। मौत, बुढ़ापा आपदा, सब काहु को होय। «दैनिक जागरण, Oct 15»
शारीरिक, पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं की …
शनि राखे संसार में, हर प्राणी कि खैर, न काहु से दोस्ती, न काहु से बैर।।' श्री शनिदेव लोगों को जितना दंड नहीं देते उससे अधिक लोग उनके दण्ड से डरते हैं। होता यह है कि लोग मृत्यु से कम मृत्यु के भय से अधिक मरते हैं। हालांकी शनिदेव शीघ्र प्रसन्न ... «पंजाब केसरी, Aug 15»
लंकाकाण्ड: भाग-दो
काल दंड गहि काहु न मारा। हरइ धर्म बल बुद्धि बिचारा॥ निकट काल जेहि आवत साईं। तेहि भ्रम होइ तुम्हारिहि नाईं॥4॥ भावार्थ:- काल दण्ड (लाठी) लेकर किसी को नहीं मारता। वह धर्म, बल, बुद्धि और विचार को हर लेता है। हे स्वामी! जिसका काल (मरण समय) निकट ... «webHaal, Jul 15»
शिव विवाह का बड़ा सुंदर चित्रण किया
काहु न परीक्षा लीन्ह गोसाई ,कीन्ह प्रमाण तुम्हारी नाई। और तव शंकर देखा धर ध्याना ,चरित जो कीन्ह सती सब जाना। भगवान शंकर ने संकल्प ले लिया शिव संकल्प कीन्ह मन माही , यत तन सती भेद मोहि नाही यानी शिव जी संकल्प ले लिया की हमारी पत्नी ... «Ajmernama, Dec 14»
पावन श्री दुर्गा चालीसा
जोगी सुर मुनि कहत पुकारी। योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥ शंकर आचारज तप कीनो। काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥ निशिदिन ध्यान धरो शंकर को। काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥ शक्ति रूप का मरम न पायो। शक्ति गई तब मन पछितायो॥ शरणागत हुई कीर्ति बखानी। «Webdunia Hindi, Sep 14»
इच्छा तो यही कि भक्ती करूं भगवान की
हरदोई, जागरण प्रतिनिधि : नुमाइश मैदान में चल रही रामलीला में रावण, कुंभकरण व विभीषण की तपस्या का मंचन किया गया। तीनों लोग वन में तपस्या करने के लिए जाते हैं। ब्रम्हा जी तीनों से वरदान मांगने को कहते हैं। रावण वरदान मांगता है कि हम काहु ... «दैनिक जागरण, Feb 13»
श्रीराम के विश्वबंधुत्व का अमर संदेश उजास पर्व
'अम्ब ईस आधीन जग काहु न देइय दोषु।' कहकर भरत, लक्ष्मण और कैकयी के साथ सभी अयोध्या निवासियों के मनों का मैल धो दिया। इस प्रकार अपने घर के अंतर्कलह के साथ अयोध्या के कलह का भी समाधान कर दिया। अयोध्या के प्रियजनों व पुरजनों में समन्वय ... «Dainiktribune, Nov 12»