WHAT DOES ओनंत MEAN IN HINDI?
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Definition of ओनंत in the Hindi dictionary
Anant Pu v. [Degradation] Nat Meek Bent . High up Kop Janu Darikhan Dakha Bhai Anand Prem Ki Saakha. -Jayasi Grant (Secret), pp 160 ओनंत पु वि० [सं० अवनत]
नत । नम्र । झुका हुआ । उ०—उठे
कोप जनु दारिखँ दाखा । भई ओनंत प्रेम के साखा ।—जायसी
ग्रं० (गुप्त), पृ० १६० ।
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8 HINDI BOOKS RELATING TO «ओनंत»
Discover the use of
ओनंत in the following bibliographical selection. Books relating to
ओनंत and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
1
Jāyasī sāhitya meṃ aprastuta yojanā
... शोतन करने वाला बना दिया गया है है कवि की यह प्रवृत्ति सर्वत्र तो नहीं किन्तु कतिपय स्थानों में पाई जाती है | देखिये पीछे का उदाहरण" भइ ओनंत आदि ( सं सन्तर्म पसं ( ठिप्पणियों ) १.
Vidyādhara Tripāṭhī, 1978
2
Hindī sāhitya kā itihāsa: paramparā aura vikāsa : ...
... ओनंत प्रेम के साखा | सरवर नहि समाइ. संसारा ( चऔदि नहाइ पैठ लिए तारा है धनि तो नीर तोसे तरहे उई/ है अब कत दि/ष्टि र्वविल औ कुहीं है चकई बिसंरे पुकारे कह! [मेलहु हो कंहि है एक चत्द निधि ...
3
Bhaktikālīna kāvya meṃ citrita nārī-jīvana
भई ओनंत पदुमावति बारी है ब-पदमा", ५५।१ है २० सूरसागर, पद सं० १३०६ । ३. वहंमापदसं० १३०ट । ।४- वही, पद सं० १३६६ । ( वने पदस० १२५२ है ६. वही, पद सं० २२००-२२०३ है इन कवियों में स्वास, निर्मल एवं वासनामुक्त ...
4
Ādhunika Hindī kāvya meṃ rūpa-varṇana
... लेहि कंवल मख धरे है उठे कोप जनु दारिर्व द्वारका | भइ ओनंत पेम क्र साखा है सावर नहर समाइ संसारा | चक/द नहाइ पैठ लिएतारा | धनि सो नीर ससि ताई उई | अब कत दि/कास्ट कंवल औ कुरई |र राजा सुवा ...
Rāmaśiromaṇi Horila, 1979
5
Hindī Suphī-sāhitya meṃ kāvya evaṃ kathānaka-rūṛhiyām̐
होइ परगट चाहहिं रस भरी है: करिस केस बिसहर जिस भरे : लहर तेहि क-वल मुख धरे 1: उठे कोई जगु दात दाखा : मई ओनंत प्रेम कै साला 1: सरवर नहि समाइ संसारा । चल नहाइ पैठि लिए तारा ।नि१ जायसी ने ...
... का हो मला सुमातर्वर्थ पण विधिचच बाटतीग गका कय आती डा" कमाओ आकाली विचारती प्याली म्हणता उक्ति मोरी ओनंत कासर निठाझा आणि लाना का अशी पचीर राग्ररायाची कुही आली हो |, .
... तरा या सर्व चित्रण/मागे विवक्षित धार्गना व धर्मपंथाची प्रेरणा नाहीं प्रेरणा आहे ती केवल रसपूर्ग काठयनिर्मितीक्ति प्रस्तुत हुहस्थिद्रचिमानर्व केवल ४८३ ओनंत लिहिलेले अहे ...