WHAT DOES प्रतुद MEAN IN HINDI?
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Definition of प्रतुद in the Hindi dictionary
Pentamine noun [NO] 1. Birds that break their beak by beak Eat. 2. Grinding tool From which Any object should be broken or pierced (to 0). प्रतुद संज्ञा पुं० [सं०]
१. वे पक्षी जो अपना भक्ष्य चोंच से तोड़कर
खाते हैं । २. कोंचने या भेदन का उपकरण । वह जिससे
कोई वस्तु तोड़ी या भेदी जाय (को०) ।
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10 HINDI BOOKS RELATING TO «प्रतुद»
Discover the use of
प्रतुद in the following bibliographical selection. Books relating to
प्रतुद and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
1
Ashtanghridayam Of Shrivagbhattavirachitam Sarvangsundri ...
प्रतुद--चीञ्च मार कर खाने वाले । दिय---- विल में रहने वाले : प्रजि---णीन करसपाट कर खाने वाले है मलग-बडे २ मृग । जल चरजल में चरने वाले-----], वाले परन्तु जल के बाहर रहने वाले है मलय-जलज-यय-पल ...
2
Aṣṭāṅgahr̥dayam: savimarśa 'Vidvanmanorañjinī' ...
जीयशीवकबात्यूहभूब्राइशुकसारिका: 11 ४८ 11 लदवाकोकिलहारीतकपोतचटकादय । प्रतुदा : '... प्रतुद वर्ग-जीव-जीवक ( एक उदर दो शिर वाले पक्षी) दारुमूह (अन्धकाक, कठफीरनी) भुङ्ग1ह्न (मृङ्गराज, ...
Vāgbhaṭa, Kāśīnātha Śāstrī (Vyākaraṇāyurvedācārya.), 1980
3
Caraka saṃhitā meṃ saṃskr̥tika sāmagrī kā adhyayana
(प्रक, घूमिकान्द्र पाण्डविक१२(प्रतुद),पार :7/ , पावकार११ (प्रतुद , (सरवर है वक१द (ह/वरा-त्रि' (.3......., (व-रिचर), पु१ष्क(र१:९" ' र - ७ (वारियर), रोहिणी'' (वायर) ::::::7, ( (.::2., रक्तशीर्षक१न्द्र लव". (म पी व है ...
Rādhārānī Upādhyāya, 1981
4
Carakasaṃhitā. Bhagavatāgniveśena praṇītā, ... - Volume 2
अंथवा पारावत आदि प्रतुद पक्षियों के मांसरसों से-जो घी भर्जित हों और जिनमें खांड डाली गयी हो-लाल शालि का अन्न खिला सकते हैं। प्रतुद पक्षियों के मांस के गुण सू० अ० २७ में कहे ...
Caraka, Agniveśa, Jayadeva Vidyālaṅkāra, 1963
5
Aṣṭāṅgasaṇgrahaḥ - Volume 1
अन्य विवेचन आद्यानया कांगखातृपा मज्यों साधारन स्मृती है विकीर्याविक्रियायोगैर्भक्षणाद्विषिशरादय: है ।८ ६ है है पहिले तीन वर्ग (मृग, विष्टिर एवं प्रतुद) जाग्रत या जङ्गल देशीय ...
Vāgbhaṭa, Lalacandra Vaidya, 1965
6
Suśrutaḥ āyurvedaḥ bhagavatā dhanvantariṇo padiṣṭaḥ ...
निप्पत्तरुरदुण"त्वरच्च तैलर्तामतरेव्वपि रर ग्राग्यरनृश्रुपान्हिकानाञ्च वना-म्-खो-रश-धरा-नी टुररुदृणमधरड्ड वातव्रर जाङ्गतैकशफकन्यादरद्देरनर' लधुगौतकषाधा रक्रश्चिज्ञा: प्रतुद ...
Suśruta, Madhusūdana Gupta, 1835
7
Charaksamhita Mahrishina Bhagvataniveshen Pranita ...
... प्रसह भूल अब वारिशय और वारिचारी के सामान्य गुण अशो-रोग आदि में प्रसहमांस लाव आदि विक्तिर प्रतुद तथा जागल पशुओं के सामान्य गुण है , २ है ० ' है है त है है ' ' ' , है है है , है ' विषय पृष्ट ...
8
The Haribansa, an epic poem, written by Veda Vyasa Rishi
खबभय-ता च बलिनैt प्रतुद-ता रणे खितैा ॥ १३२८.. चरनैा विविधानआर्गनअण्डखानि च भागशः। मुलराजत्रितु: कुद्धावन्योन्यमभिमानिनैा। श्रसिभ्र्वी चर्चणी दिये विपुखे च शरासने।
Mahabharata, Veda Vyasa Rishi, 1839
9
Charaksamhita Mahrishina Bhagvataniveshen Pranita ...
लशा वजन देवदारु आदि औषधी के क्याथ में साधित दूर या आदि के यु/र वा विष्टिर प्रतुद तथा विलेख पशुपक्षियों के मायनों को अकास के रोगियों को दे । [कीकर प्रतुद तथा विलेय ( भूमिशय ) ...
Shri Jaidev Vidhya Alankar Pranitya, 2007
... प्राम्य (माय आरि), कव्यमुज ( मांस खाने वाले, गुहाशय और कहा ); एक शाम वाले (बोये आदि) और जाम (ज-बाल, वेले, प्रतुद, पर्ण मृग, बिलेशय) थे छ: भेद हैं । इन वनों में उत्तरोत्तर श्रेष्ठता है ।
Atrideva, Bhaskar Govindji Ghanekar, Lalchandraji Vaidya, 2007