WHAT DOES समाम्नाय MEAN IN HINDI?
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Definition of समाम्नाय in the Hindi dictionary
Compound noun [no] 1. ethology . 2. group . Collective like,- Letter suffix 3. Tradition. Observation (to 0). 4. Read To read. Singing (To 0). 5. Shiva (Ko 0). 6. Killing Holocaust (0). 7. Holy book (0). 8. (Words or words Of) traditional collections As such, animal sammana (ko). समाम्नाय संज्ञा पुं० [सं०]
१. शास्त्र । २. समूह । समष्टि । जैसे,—
अक्षर समाम्नाय । ३. परंपरा । अनुश्रुति (को०) । ४. पढ़ना ।
पाठ करना । गान करना (को०) । ५. शिव (को०) । ६. संहार ।
प्रलय (को०) । ७. पवित्र ग्रंथ (को०) । ८. (शब्दों या वचनों
का) परंपरागत संग्रह । जैसे, पशु समाम्नाय (को०) ।
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10 HINDI BOOKS RELATING TO «समाम्नाय»
Discover the use of
समाम्नाय in the following bibliographical selection. Books relating to
समाम्नाय and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
1
Purāṇagata Vedavishayaka sāmagrī kā samīkshātmaka adhyayana
समाम्नाय-भाग० ३।२२।१५ और १०ष्ट७प में यह शब्द है है भाग० ३।२२।१५ में 'समा-नाय विधि में गम्यमान विवाह' कहा गया हैं, यह विधि ऋविचीय मंत्र ( १०।आ३६) को लक्ष्य कर कहा गया (द्र० श्रीधरी) : भाग० ...
Ram Shankar Bhattacharya, 1965
उनकी युक्तियों का सत्र यों हैं : (का निरुक्त के प्रारम्भ में पठित समाम्नाय: समा.:, स व्याख्यातव्य: । वाक्य के स्वारस्य से सिद्ध होता है कि समाम्नाय का समापन तथा उसका व्याख्यान ...
Śivanārāyaṇa Śāstrī, 1970
निगमा इमे भवन्ति 1 छन्द३1भ्य: समाहुत्य समान्यतास्ते निगन्तव एवं सन्तो निगमनात् निघण्टव उच्य८ते इ१योपमन्यत्र: 1 अर्थात वैदिक झाब्दों के समुदाय को समाम्नाय याने समाम्नात ...
Rājakumāra Jaina (Acharya.), 1997
4
Bhāratīya bhāshāvijñāna kī bhūmikā
प्राचीन लोग इस प्रकार के 'समाम्नाय' को पनघष्टवा' कहा करते थे४ । 'निस' शब्द का प्रयोग वास्तव में तो इन कोषों में तत्-लत पदों के लिये हुआ करता था : वेदों से कठिन शठदों को उन पर कुछ ...
Bholānātha Tivārī, Malaravindam Chaturvedi, Bhagat Singh, 1972
5
R̥gveda-prātiśākhya: Hindī-vyākhyā. Paṭala 1-4
इनकी युक्तियुक्तता सम्भव है [ इसका समाधान उलट ने इस प्रकार किया है : शौनक ने ऋविद-प्रातिशाख्य में वर्ण-समाम्नाय का उल्लेख नहीं किया है इसका कारण यह है कि उस समय लोक में कोई ...
Śaunaka, Vrajabihārī Caube, 1985
6
Rigveda Bhashya Bhumika
'गौ: म उस धमा' इत्यारम्य 'काव: वाजिन: देवपत्न्यो देवपत्न्यहाँ इत्यन्ती य: पदानां समाम्नाय: समाम्नातस्तस्थिन् ले पदार्थावबोधाय परापेक्षा न विद्यते है एतावन्ति हिरण्यनामानि ...
Rama Avadha Pandey, Ravinath Mishra, 2007
7
Śuklayajurveda-prātiśākhyam
अथ आष्टर्मघ्रयाय: अथातो वयडिमाम्नार्थ-व्यारव्यास्याम: में : 1: च हिन्दी-अब वर्ण समाम्नाय का व्याख्यान करेंगे 1: ( 1. उत्-प्रयात: शव्यायुत्शिथ१ । वनों यरिमए समाम्नाये प्याले स वने ...
Kātyāyana, Uvaṭa, Anantabhaṭṭa, 1985
8
Onāmāsīdham, pracīna Jaina śikshā - Page 30
आगे चल कर विश्व-: में लोक प्रिय कात्त्रि 'व्याकरण का पहर सूत्र ही 'सिद्धों वर्ण समा-नाय:' है 124 वर्ण समाम्नाय के साथ जुडा सिध्द शब्द द्वा' नम: सिब- के महत्त्व को ही प्रशस्त करता है ।
9
Padārthavijñāna-darpaṇa
समाम्नाय को ही 'निघष्ट्र'२ कहते हैं----""" समाम्नायं निघण्डव इत्याचक्षते' ' : १- वाच्य एव वाक्यार्थ इत्यन्दिताभिधानवादिन: ।-काव्यप्रकाश, द्वि० उ० २- निघष्टव: कस्थाधिगमा इसे भवन्ति ?
Dr. Vidyādhara Śukla, 1984
10
Viśva kī mūla lipi Brāhmī
इसके अतिरिक्त, दिव्य ध्वनि साक्षर-अक्षर रूप होती है, क्योंकि अक्षरों के समूह के बिना अर्थ का परिज्ञान नहीं होता । अक्षर समूह को 'अक्षर-नाय' अथवा 'वर्ण समाम्नाय' कहते हैं । कातन्त्र ...