WHAT DOES सम्मोद MEAN IN HINDI?
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Definition of सम्मोद in the Hindi dictionary
Psychology noun [no] 1. Love Love 2. Joy . Happiness. happiness . 3. Fragrance . Feeling (To 0). सम्मोद संज्ञा पुं० [सं०]
१. प्रीति । प्रेम । २. हर्ष । प्रसन्नता ।
आनंद । ३. सुगंध । महक (को०) ।
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8 HINDI BOOKS RELATING TO «सम्मोद»
Discover the use of
सम्मोद in the following bibliographical selection. Books relating to
सम्मोद and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
1
Amarakoṣaḥ - Volumes 1-3
मुदाम-दन-र, निपल) ट-प्रीति: (प्रीयते, क्तिन्) ७प्रमद: (प्रकृया मदो यस्य) कर्ष: ( हपुतीत, घर ) प्रमोद: ( प्रनोदते घर ) (आमोद, ( आमरे पर ) सम्मोद: ( सम्वत् मोदते यल ) आनर: ( आनन्दयते, अगुत्) आनन्द: ...
Amarasiṃha, Viśvanātha Jhā, 1969
2
Jātakamālā Bodhisattvāvadānamālāparaparyāyā
विदुल ३४१ ग-जाल : ६ है- २ सू वेत्रदण्ड/वेत्रलता २८५, ३६२-३, ३६५, शिशपा ३४१ ३ ७७ वंश ३४१, ४१८ शमी ३४१ शरवण ३४१ शाक ३४१ शव २५८, ४२३ सम्मोद ३७१ सर्ज २७३, ३४१ सहकारफल ३६० साल ३४१ तौगाँधिक २७० हिन्ताल ...
Āryaśūra, Sūrya Prakāśa Vyāsa, 1994
3
The Mahāvagga - Volume 11
अथ खो ते भिकबू येनायस्था महाकलचानों तेनुखपसन्होंम उपसपमित्वा आयामता महाकउचानेन सत सम्मोदिधु, । सम्मोद-, कयं साराणीयं वीतिसारेत्वा एकम-नी निसीदिसृ, । एकदतं नित्रे खो ते ...
Jagadīśa Kāśyapa (Bhikkhu.), 1956
4
Aṅguttaranikāyapāli - Volume 2 - Page 5
सम्मोद-, नीयं कथ: सारणीयं वीपी-त-सारे-त्वा एकमत: निसीदि । एकम-ति नितियों 20 खो आयस्था उपवन आयरमनों सारिपुत्त उदय तो "कि तू खो, आवृसो सारिपुत्र, विउजायन्तकरों होती" ति ? "नो हि ...
Jagadīśa Kāśyapa (Bhikkhu.), 1960
5
Viśishṭādvaitavāda aura usakā Hindī bhakti-kāvya para prabhāva
... अपने व्यायुहावतार संकर्षण, 'पन और अनिरुद्ध द्वारा संसार का विनाश, उत्पति और पोषण करते हैं है वासुदेव, संकर्षण, प्रपम्न और अनिरुद्ध-आमोद, प्रमोद, सम्मोद और सत्य लपक में रहते हैं ।
... है तथा महान ही गदा है | नित्यविभूति के चार मेद हँ-मोर प्रमोद, सम्मोद एवं वैकुण्ड है पुना उसके अनन्त प्रभेद हैं | नित्यविभूति के कई नाम है जैसे-बब-चिप/विभूति, परमण परमठयोना परमाकाश, ...
Śrīnivāsācārya ((Son of Govindācārya)), 1989
7
Suttapiṭake Majjhimanikāyapāli: Uparipaṇṇāsakaṃ - Page 38
... भिवखु, यव" व्यायाकरेव्य----'यं गो, आवृसो, अम्हाकं समवाय सम्मोद-र्ष 13- 31 ] मानानं अविवदमानानं सिक्खतं अध-अमरु-अस वचीसंहारो उपधो दिष्टिपपनासो चेतसो आघातों अप-यों अनभिरद्धि, ...
Dwarikadas Shastri (Swami.)
8
Śrīśivarājyodayam - Volume 1
... राजसेवामाहात्म्यवर्णनन् २३-२८, जिजा-ब शहाजिमतखण्डनन् २९-३७, शहाजे: साँची, न्तता ३८-४०, शिवागमनेन पिया सम्मोद: ४१-४५, शहाजिकृतं राजा धानीवर्णनन् ४६-५१, विजापुरगमने बालशिवस्य ...
Śrīdhara Bhāskara Varṇekara, 1972