WHAT DOES समुत्थ MEAN IN HINDI?
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Definition of समुत्थ in the Hindi dictionary
Advantage vs. [NO] 1. Raised Advanced. 2. Generated Going happened . Originating समुत्थ वि० [सं०]
१. उठा हुआ । उन्नत । २. उत्पन्न । जात ।
घटित । उद्भूत ।
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10 HINDI BOOKS RELATING TO «समुत्थ»
Discover the use of
समुत्थ in the following bibliographical selection. Books relating to
समुत्थ and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
गांधर्वकलाका परिचय देते हुए तोरी समुत्थ, वेश समुत्थ और मनुज समुत्थ नादोका वर्णन किया है । नादका उत्थान कैसा होता है और उसके स्थान-भेदते स्वर-भेद कैसे हो जाते हैं, और फिर उसके ...
2
Dehadhātvagnivijñānam: Caraka, Suśruta, Vāgbhaṭa ādi ...
यद्यपि सभी अविन त-जस है तथापि बन्याशय समुत्थ पाचक धत कटु-उग्र, तथा प्रदाह है । यह मधुर शर्करा को भी पकाकर कड़की कर देता है । कटुक रस असन तथा वायु के संयोग से उत्पन्न होने पर भी प्राय: ...
3
Mantra-kosha: mantroṃ kā śodhātmaka saṅgraha evaṃ ...
... (६) समुत्थ-रेथ्वीध है समुत्थ-रावीघ, (७) मलिनमूध्ये : मलिन" खा, (८) विद" : दिवं, (6) ग्राम : ग्रास, (१०) ममय-प्रद- [ मप: पदं । की चतुश्चिशदक्षर : द्वा: ल कल्पयन्ति नो०रय: कूरों कृत्यों वधुमिब, तो ...
4
Vālmīki-Rāmāyaṇa: kāvyānuśīlana
भाबोदेक----आश्रय में भाव के अतिशय उदेक का हेतुभूत तत्व भी अधिस्थिति का एक उपकरण हो सकता है, इसे हम संदीपक कहेंगे : यह मात्र उर्तजक द्रव्य नहीं होता बल्कि समुत्थ राग को प्रगाढ़ या ...
5
Brihaddeivagyaranjanam--Srimadramadeendeivagyakritam ...
लय योगान्दिपततश्वलत्यन्दाहता क्षिति: : सोपुमिवात: समुत्थ: स्वाद सनिर्धातं मतिल:' 1, २ है: तथा वृबर्गजो का कथन 'प्रजा धम-रता यत्र तत्र कम्पन शुमें भवेत् : जनानी श्रेयसे नित्यं ...
Muralidhar Chaturvedi, 2007
6
Vishwa Ke Mahaan Vaigyanik - Page 147
"देखो, कितना आसान है यह सब," उसने परिषद को बतलाया, '"अब हमारे लिए बस एक यहीं तथ्य स्वीकार करना बाकी रह गया है कि ये अणु, आवश्यक नहीं कि एक प्रकार के ही परमाणुओं का समुत्थ हों । ये दो ...
और अयोग्य अवस्थाओं का परोवन विषयों के प्रसंग में हस प्रकार उल्लेख किया होर सीवन बिषय सीव्य अथवा सीवन कर्म के योग्य वे वण होते हैं जो मेदोधातु में उत्पन्न ( मेदा समुत्थ ) हर ...
8
Adhyātma prabodha: aparanāma , Deśanāsāra : svopajna ...
... अरति परिणाम को एकत्वरूप सेकरता हुआ पुन अष्टविध कर्मदलिको से बंध जाता है | ज्ञानावरण व तर्शनावरण के क्षयोपशम से समुत्थ-प्रकट हुई चेतना-कता-दो प्रकार प्की होती है नकब- सुन्न कर्म ...
Devacandragaṇi, Sajjanaśrī, 1975
9
Pañjāba - prāntīya Hindi - sāhitya kā itihāsa: Prākkathana ... - Volume 1
यशा---"हरमन समुत्थ उवाल-वधि जलव ' रतिनयन जलसे खाक बाकी बहाया : तदपि दहति चेतो मामक क्या करोगी हैं मदन शिरसि भूय: क्या बसा आगि लागी ।"१ भदुनारायणसे पूर्व गुरु नानकदेव जी ने तथा ...
... उत्पन्न होने वाता) स्वयं ही अदन किया जा सके जिसका स्वयं ही को समुत्थ (उत्पन्न/स्थित) स्वस्ति (शुभ या कतला) कृत करने वाले ---शि व कर्मद्मारय जलता बहुल संबंध तत्र कर्मथषय बहुबीहि ...
Om Prakāśa Kauśika, Omprakāśa Kauśika, Vāsudeva Śarmā Śāstrī, 1999