10 HINDI BOOKS RELATING TO «सिद्धदेव»
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सिद्धदेव in the following bibliographical selection. Books relating to
सिद्धदेव and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
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Vakulamālinīpariṇayam - Page 90
सिद्ध- अथ विद देवा-हिकात') अई कल कश चु तत्-, सिद्ध-- देव, जायते खल राजा,विजयधद्धज्ञा विदू-अछो जागे भी स चौठामखिलतते (छाया)--." जाने स खल चौठामहीयलतभ:। देव:---" किर्मतदयचर्ण तो-धि सह ...
Śrīnivāsa, P. G. Seetharaman, R. Ganesan, 1999
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Ādhunika Saṃskr̥ta kāvya paramparā
श्री रेवण सिद्धदेव ( जि) श्री गिरिधर शर्मा ( प) श्री बदनीराथ शर्मा ( १७) श्री वजन-दन अबी (१८) श्री ईश्वर पलक (१९) श्री रामचन्द्र शर्मा ऐब ( २०) श्री पसर-, शासी डेगधेकर भमस्था१ ०३ -तक्योंयदेश: ...
Keśavarāva Musalagām̐vakara, Rājeśvara Śāstrī Musalagām̐vakara, 2004
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Jaina samāja kā vr̥had itihāsa - Volume 1 - Page 615
जैन सिद्ध देव कोशी अबटेशर(जिला आगरा) श्री जैन साहित्य शोध संस्थान, हरी पर्वत, आगरा की प्रबंध समिति, भारतवर्षीय दिल जैन महासभा की केन्दीय प्रबन्यवागिगी समिति-चीर दि- जैन ...
Kastoor Chand Kasliwal, 1992
4
Śrī Siddha cakra maṇḍala vidhāna, Saṃskr̥ta - Page 21
... द्वारा भूषित हो चुका है योग जिनका, समाप्त हो गई हैं बाप जिनकी बीत शोक, रोग रहित, महान् दु:खस्वरूप दाव-नल को मेघ के समान, महासुख में मग्न तेजो-प समृद्ध सिद्धदेव आप जयबन्त रहें ।।७ ...
Vimala Sāgara (Ācārya.), Rameśacandra Jaina, Aśoka Kumāra Jaina, 1990
5
Upanishad rahasya - Volume 1 - Page 206
... प्राप्त नहीं होता है, गोक जो जन्म-सिद्ध देव होते हैं और आजम (जन्म-सिद्ध) देव को प्राप्त यही आनंद उस श्रीत्रिय को भी (यहीं का यहीं) प्राप्त होता है जो नि-पाप और निष्काम होता है ।
Candrabalī Tripāṭhī, 1986
6
"Anekānta-vāda as the basis of equanimity, tranquality ...
उनके खाद 'नमौ सिद्धाणं' पद से सिद्ध देव को प्रणाम किया गया है । क्योंकि सिद्धावस्था में यद्यपि आत्मा शुद्धता. हो जाती है, फिर भी 'कर्मयोग' नही होता है इससे सिद्ध होता है कि ...
Prītama Siṅghavī, Pārśva Śaikṣaṇika aura Śodhaniṣṭha Pratiṣṭhāna, 1999
7
Ādi Jagadgurū Śaṅkarācārya - Page 48
... यहीं निकला---' है बत-संयासी शंकर देव सांय के महान-सिद्ध देव हैं ।३' गामीया जनता उगे जल के भीषण प्रवाह है भयभीत थी, यह पुन: अपने-अपने घरों को वक आ गई और है 'बल-संयासी घई में नर्मदा वल ...
Chandrika Prasad Sharma, 2008
... जाने यर परों पुष्य वर्ग करते रहते है, जाव-तहा" सिद्ध, देव कव, गन्यार्व, यक्ष, राक्षस, पन्नग और अपरा गण प्रण करते रहते को जैत्र रथ वन, नन्दन वा, लिज और भविधि वन देवताओं के तजि, वन है जहाँ य.
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Shree Haricharitramrut Sagar Hindi Part 08: Swaminarayan Book
... श्रीहरि क्युक करीर्क तेहा । । गोल रहे पल'ग पर जाई, संत हरिजन उठे सब ताई । ।२ १ । । हरि के ध्यान करत मुनिराया, सो गथे नियम अधि रहाया. हरि जेसे रसिक नहीं कोई, सिद्ध देव मनुष्य में जोई । ।०९ ।
Swaminarayan Saint Sadguru Shree Adharanandswami, 2011
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Arjun Singh : Ek Sahayatri Itihaas ka: Ek Sahayatri Itihaas ka - Page 441
कसौटा (इलाहावाद) ८ एक सहयात्री इतिहास का / आ अ अंग्रेजी पेस, 166 "अंतरंग मित्र', 163 अंधविश्वास, 308 अंबानी,. है 7. सिद्धदेव 8. जाईसिद्ध देव 9. में नरेश 10. कुषाण सिह 1 1 . दहुँजूसिंह 12.
2 NEWS ITEMS WHICH INCLUDE THE TERM «सिद्धदेव»
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सिद्धदेव is used in the context of the following news items.
किसानों का बकाया गन्ना मूल्य दिलाया जाए
सौंपे ज्ञापन में रालोद के जिलाध्यक्ष सिद्धदेव सिंह ने कहा कि वर्तमान समय मेें किसानों की हालत दयनीय होती जा रही है। बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने से किसान कर्ज के बोझ से परेशान हैं। दूसरी ओर चीनी मिलों का संचालन न होने से ... «अमर उजाला, Nov 15»
देव, गुरु व धर्म नवपदजी के तीन तत्व …
झाबुआ| श्री नवपदजी में तीन तत्व है। देव, गुरु और धर्म। अरिहंत और सिद्धदेव तत्व है। आचार्य, उपाध्याय और साधु गुरु तत्व है। दर्शन, ज्ञान, चारित्र व तप यह चार धर्म तत्व है। यह बात साध्वीश्री पुण्यदर्शनाश्रीजी ने कही। वे बुधवार को धर्मसभा में ... «दैनिक भास्कर, Oct 15»