WHAT DOES ठट्ठ MEAN IN HINDI?
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Definition of ठट्ठ in the Hindi dictionary
A stingy noun phrase [yes 0] 'Thick' and 'Thott'. ठट्ठ संज्ञा पुं० [हिं० ठट्ट]दे०
'ठट' और 'ठट्ट' ।
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10 HINDI BOOKS RELATING TO «ठट्ठ»
Discover the use of
ठट्ठ in the following bibliographical selection. Books relating to
ठट्ठ and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
1
Āk̲h̲irī dina - Page 49
... सुनाई दे रही बी, जिधर को ठट्ठ के ठट्ट लोग भागे जा रहे थे । हाँ, मैंने अच्छी तरह गिने थे-कुल जमा तेरह स्री...पुरुषों के चिथडे उडे थे-गुने भी शामिल करते हुए । बाकी बारह के बारह तो मर चुके ...
Ramesh Chandra Shah, 1992
2
Rājasthāna ke agyāta Braja bhāshā sāhityakāra: vyaktitva, ...
वक्ष मैं वसुन्धरा के बामन के ठट्ठ पाटि, आहि रहे फूटे सुख सान्ति को उजेरौ है है [3 देसन खिवैया हो कि, लवैया सर्बनास के हो, अधन के ओघ मूढ़मति से लगत हो । पाप की पुटरिया औ, लिये नास ...
Vishṇucandra Pāṭhaka, Mohanalāla Madhukara, Gopālaprasāda Mudgala
3
Viśva-itihāsa-kosha: Encyclopedia of world history - Volume 3
काशी-बाबा विश्वनाथ की नगरी है जिनके भूत भावनरूप का दर्शन करने के लिए पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण चारों दिशाओं से ठट्ठ के ठदृ लोग उस समय भी उमड़ पड़ते थे जब आने जाने के लिए रेले ...
दरवाजे पै लखे तेहि, एम० एल०ए०न के ठट्ठ। कार चढ़े कोउ फिटिन में, लिए बेंत कोऊ लट्ठ। हड़बड़ाय पढ़ बोर्ड कृ, पहले कछु सिटियाय। पै फिर हिम्मत बाँध कैं, भीतर पहुँचौ जाय । उकबकायदेखन लग्यौ ...
5
Balihari una desarai - Page 56
राजाजी री होली री असवारी देखण नै लोग टट्ठ रा ठट्ठ भेला हुवा" । राजाजी हाथी रै होदै सवार होय आपरी रैयत रो मुजरो-निजरांणी लेता अर बोरों में भरियोडी गुलाल री घपसा धपसा उछाल मूं ...
6
Annual Report on the Search for Hindi Manuscripts ... - Page 40
उठाइ करि लेती के ठट्ठ मरहट्ठन के। फारते। तीर तरवारिन के धने घाद भालन के ढालहों की चेष्ट हैंगर कीं। बारे सम्हाल मुजरा प्नताप के। निधान थी प्रतापसिंह वैरी उर वेझा बीच नेजा जे।
Nāgarīpracāriṇī Sabhā (Vārānasi, Uttar Pradesh, India)., United Provinces of Agra and Oudh (India), 1903
7
Rāmavijaya: Śaṅkaradevakr̥ta aṅkīyānāṭa
... ( गोड़-ड पैर ), ठेङ्गना ( ठेडा ) घषाबे ( घिसियाबय ) गोसाक्ति खेपल, ठाट ( ठट्ठ ) आदि शब्दक प्रयोग द्रष्टव्य अष्टि । मिथिलासँ बाहर मैथिली गद्यक एतेक ओ एहन प्रयोग एक आश्चर्यजनक विषय अछि ।
Sankaradeva, Rāmadeva Jhā, 1967
8
Annual Report on the Search for Hindi Manuscripts for the ... - Page 40
श्चभाक्तिधनाक्षरी ।। त्ताकेपन मझाइ घरवालो के। उठाइ करि लेती के ठट्ठ मरहट्ठन के। फणी तीर त्तरवारिन के धने चाकू भालन के ठालहों की चेष्ट दृप्रार५ कीं। करि सम्हारते-रु मुजरा प्रताप ...
Nāgarīpracāriṇī Sabhā (Vārānasi, Uttar Pradesh, India), 1903
भक्त और श्रद्धालु ठट्ट के ठट्ठ मन्दिर के प्रांगण में एकत्रित होने लगे थे । जन-मानस का हृदय अहनिश विघटित युद्ध-संघर्षों से विरक्त हो चला था । वह शान्ति का इच्छुक है–शान्ति में ही ...
10
Yahāṃ vitastā bahatī hai: - Page 5
जिधर हमने देखा नहीं-तांगे, साइकिल, रेडेवाले, 'मिशिररि मकोय' है 'ओदुरूय दोदखो यहाँ वगेरह-वगेरह की अनवरत आवाजों बीच ठट्ठ के ठट्ट लोगों से भरी सडक और सड़क के किनारे बजाज, किराना, ...