WHAT DOES आवरक MEAN IN MARATHI?
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Definition of आवरक in the Marathi dictionary
Above-V Cover; Inspiring; Binder; Restraint; Arrester Controller; Turn away Cover Contribute 'Aho devotional power is great, Devrajya is immovable.' -David 27 9 'Ignorance Avidya Aherika Contrary to knowledge impaired- Pica. ' -Drivate 5.57 .power-woman Overpower; Clean; System Placing skills. आवरक—वि. आवरणारा; वेढणारा; बांधणारा; संयम करणारा; अटक करणारा; ताबा ठेवणारा; आळा घालणारा. आवरण
घालणारा. 'आहो भक्तीचें बळ थोर आहे देवराया आवरक ।'
-दावि २७९. 'अज्ञान अविद्या आवरिका । विपरीत ज्ञान विक्षे-
पिका ।' -विधू ५.५७. ॰शक्ती-स्त्री. आवरशक्ति; उरक; व्यवस्था
ठेवण्याचें कौशल्य.
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10 MARATHI BOOKS RELATING TO «आवरक»
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आवरक in the following bibliographical selection. Books relating to
आवरक and brief extracts from same to provide context of its use in Marathi literature.
इनमें पर 'तन्त्र समुच्चय' की गणना एवं परिभाषाएं शंकु आवरक मण्डल पर आधारित हैं। दिक् सामुख्य में केन्द्र बिन्दु से लेकर प्रत्येक दिशा में लम्बाई एवं चौड़ाई का मापन किया जा सकता ...
Devīprasāda Tripāṭhī, 2006
2
Vaiśeshika evaṃ Jaina tattvamīṃāmsā meṃ dravya kā svarūpa
बैकिरराफारही| में भी उदयन ने इसे स्पष्ट किया है कि गति न रहने पर भी अन्धकार में गति का भार होने में है आधा नहीं| वयोंकि, अन्धकार की है स्वाभाविक होने हो ही आवरक तुल्य का असवेधान ...
Paṅkaja Kumāra Miśra, 1998
... भी है कि बास्तविक गति के लिए आवरक द्रव्य के नियमता अनुसरण की आवश्यकता नहीं होती है है अन्धकार को गति के लिए आवरक की गति की अचिस्वकतई होती है | अत] अन्धकार की गति स्वाभाविक ...
Udayanācārya, Gaurinath Bhattacharyya Shastri, 1980
4
Aupapåatikasåutra: Caturdaâsapåurvadha-rasthavirapraònåita ...
ज्ञानावरणीण-कर्म-ठयुत्सर्ग---आत्मा के ज्ञान गुण के आवरक कर्म-पुरानों के बैधने के कारणों का त्याग । २ह दर्शनावरणीय-कर्म-शयुत्सर्ग----आत्मा के दर्शन-सामान्य ज्ञान गुण के अमरक ...
Chaganalåala âSåastråi, 1982
5
Ashtanghridayam Of Shrivagbhattavirachitam Sarvangsundri ...
आवरण करने वाला बलवान होता है अत: उसके लक्षणों की वृद्धि होती है और आवृत होने वाला दुर्बल होता है अता उसके लक्षणों की हानि होती है । इस विचार से आवरक तथा आवाज वायु का निर्णय कर ...
... त्या बहाटीवाल्याकटे ( संसार काटे है नावाचा आयझयभिकद्वा बटलर नि/ठे है तो हार्णदृचे शेतकरी प्रेरीत नसते है ला गोलीर्वद बटाआचा एक ( आवरक काटा है नामक रस्सा होई है आगि प्याचाच ...
Purushottam Lakshman Deshpande, 1968
7
Śrīparamātmasandarbhaḥ: Śrīla ...
आ९९२ में उक्त है-- जिस प्रकार सेशसमूह सूज से उत्पन्न होते हैं, अनन्तर सूल के अंशभूत चक्षु का आवरक तम-रूप से तल दर्शन का प्रतिबंधक होते हैं, उस प्रकार अदर ब्रह्म काल से उत्पन्न होकर ...
Jīva Gosvāmī, Haridāsaśāstrī, 1983
8
Mārksavāda aura Rāmarājya
अर्थात् जो दो वस्तु एक आश्वयमें आधित होते हैं उनमें एक दसरेका आवरक नहीं होता । अथवा जिन दो वस्तुओंका एक हैन कारण होता है उनमें एक दूसरा आवरक नहीं होता : इनमें पहला पक्ष ठीक नहीं; ...
Hariharānandasarasvatī (Swami.), 1966
9
Rāvaṇabhāṣyam: Hindī anuvāda aura pariśiṣṭa ādi sahita ...
उपाधिजन्य ये भी प्रलय में उपाधि के विलय के कारण लीन हो जाते हैं : अत: भोक्ता जीव के सुखदु:ख के साक्ष-कतर रूप भोग के निमित्तरूप आवरक तत्व भी नहीं थे : भोग्य और भोक्ता-दोनों ही ...
Rāvaṇa, Sudhīra Kumāra Gupta, 1967
10
Nyayamrtadvaitasiddhi - व्हॉल्यूम 1
ऐसी शब" भी उचित नहीं, क्योंकि घटाकाक्ष प्रमा वृत्ति का जनक अदृष्ट यद्यपि इति के विषयीभूत घट का आवरक (हीं होता, तथापि पटाद्याकार प्रमावृत्ति का प्रतिबंधक होने के कारण पटरूप ...