WHAT DOES नैमित्तिक MEAN IN MARATHI?
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Definition of नैमित्तिक in the Marathi dictionary
Naimitic-v 1 contextual; Generations of events; Sustainable, not regular; Contrary to this, 2 scriptures Whatever the statements are made in context (karma). 'Tasen Nitya- Nominal Karma is indeed natural. ' Professor 18.97 [No.] नैमित्तिक—वि. १ प्रासंगिक; निमित्तानें उत्पन्न झालेला;
सततचा, नियमित नव्हे असा; याच्या उलट नित्य. २ शास्त्रानें
प्रसंगविशेषीं ज्याचें विधान केलें आहे असें (कर्म). 'तैसें नित्य-
नैमित्तिक । कर्म होय स्वाभाविक ।' -ज्ञा १८.९७. [सं.]
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10 MARATHI BOOKS RELATING TO «नैमित्तिक»
Discover the use of
नैमित्तिक in the following bibliographical selection. Books relating to
नैमित्तिक and brief extracts from same to provide context of its use in Marathi literature.
1
Puran Parichay / Nachiket Prakashan: पुराण परिचय
सनल्कुमार है विष्णट्वेच अवतार मानले गोते अहित. २ ) प्रत्तिसर्गहै पुराण-चे दुसरे लक्षण आहे. प्रतिसर्ग म्हणजे प्रलय होय. हा चार प्रकास्वा असतो. नैमित्तिक, स्का, आत्यंतिक व नित्य ...
2
Psychology: eBook - पृष्ठ 252
अनुबन्धन क्या है? [उत्तर—अनुबन्धन वह प्रक्रिया है जिसमें एक प्रभावहीन उत्तेजना इतनी प्रभावशाली हो हिक वांछित प्रत्युत्तरों को प्रकट कर देती है।] नैमित्तिक अनुबन्धन के कौन-कौन ...
3
Bhāratīya-darśana-br̥hatkośa - व्हॉल्यूम 3
अनियतनिमिलके नैमित्तिक यथा ग्रहणाशद्धात्नी तब राहुपमनियतसौव निमित्न्खाण ब... नेमिलिवते च निमितनिश्चयधिनिकतीअताकत्वन् । (वाच ) नैमितिके हि निमित्वाधिकारी । (मजिम ...
Baccūlāla Avasthī Jñāna, 2004
4
Bhagwan Buddha aani tyancha Dhamma: - व्हॉल्यूम 1
काही यज्ञांना नित्य यज्ञ महणत. काहीं ना नैमित्तिक. ३. नित्य यज्ञ हे अनिवार्य कर्तव्य होते आणि त्यापासून फळ मिळो किंवा न मिळो, ते करणे आवश्यक होते. ४. नैमित्तिक यज्ञ हे याजक ...
5
Vyavasay Vyavasthapan / Nachiket Prakashan: व्यवसाय व्यवस्थापन
का ) संचालकांची सभा कि ) संचालक मंडळाने नेमलेत्या उपसमित्यांची सभा की ) कार्यालयीन सभा कु ) नैमित्तिक समिती सभा अ ) सभासदांच्या सभा : सभासदचिया सभा या दोन प्रकारचया ...
Dr. Avinash Shaligram, 2013
6
Mrutunjay Markandeya / Nachiket Prakashan: मृत्युंजय मार्कंडेय
म्हपहूर जिज्ञासेने त्यागी भगवान विष्णु, आराधना करून उग्र तपश्चर्या पुन्हा दिर्घकाल्ठ बेब्लपै. माकेड़ेयाचे नैष्ठिक ब्रम्हचर्य वत, नित्य नैमित्तिक धार्मिक अनुष्ठान, जपता व ...
Pro. Vijay G. Yangalwar, 2011
7
Pension Aata Pratyekala:
गृहकर्ज, कारलोन, मुलांचे प्राथमिक, मध्यम मुदतीची उहिट माध्यमिक शिक्षण (५ ते १० वर्ष) नियमित खर्च, विमा हसे, नैमित्तिक खर्च कमी मुदतीची उहिट (१ ते २ वर्ष) ४) निवृत्तीनंतरचा ...
Prof. Kshitij Patukale, 2015
8
Bharatiya Darshan Indian Philosophy
उसे काम्य कर्मों का भी त्याग कर देना होता है, क्योंकि उनसे इहलोक और परलोक में मुख भोगना पड़ता है । लेकिन नित्य और नैमित्तिक कर्मों का उसे त्याग नहीं करना जाहिर, क्योंकि इनको ...
9
Dhvanyāloka: va, Tyāvarīla Śrī Abhinavaguptāñcī ʻLocanaʾ ṭīkā
यावर तुम्ही कदाचित असे म्हणाल को, संकेत हा निमिकांवर४९ होती, आणि तो अर्थ है नैमित्तिक'-" असलममुझे तो है संकेत' अवसर नहि. तर या मीमांसकाकया बोलव्यातील कौशल्य तर बनों' ।
Ānandavardhana, Pu. Nā Vīrakara, M. V. Patwardhan, 1983
वामनराव बोरधठे वसुबारस हा शब्द गोवत्सद्वादशी या नैमित्तिक व्रतासाठी प्रचारात आलय अई खेडधापाडधातील करु-करी लिया वसुबारस सा शन वापरीत नाहीत. सरल सोया 'गायी गो८कांची बाल ...
Sarojini Krishnarao Babar, 1990
10 NEWS ITEMS WHICH INCLUDE THE TERM «नैमित्तिक»
Find out what the national and international press are talking about and how the term
नैमित्तिक is used in the context of the following news items.
मी मातीच्या जातीची!
नैमित्तिक उत्सवांच्या आनंदाला आता किनार असते दडपणाची, कधी कधी तर भीतीचीसुद्धा. प्रत्येक वेळेस आनंद साजरा करण्यासाठी कशाला हवेत उत्सवच? या सगळ्याच्या पलीकडे जाऊन तिच्या अस्तित्वाचा उत्सव तिला साजरा करता आला पाहिजे, अगदी ... «Lokmat, Oct 15»
धर्म और religion के अंतर को जानें
पानी के बर्फ अथवा भाप बनने में ठण्ड या गर्मी निमित्त हुई, इसलिए पानी का बर्फ के रूप में ठोस बनना या भाप के रूप में वाष्प बनना पानी का नैमित्तिक धर्म है जबकि तरलता उसका नित्य धर्म है जोकि हमेशा रहता है। इसी प्रकार जीव के भी दो प्रकार के धर्म ... «पंजाब केसरी, Oct 15»
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में दूसरे दिन भी हंगामा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगातार दूसरे दिन विपक्षी सदस्यों ने नैमित्तिक कामगारों को नियमित करने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रश्नकाल स्थगित करने की मांग करते हुए अध्यक्ष के आसन के करीब पहुंचकर हंगामा किया। विपक्षी ... «नवभारत टाइम्स, Oct 15»
ऎसे करना चाहिए श्राद्ध की तिथि का चयन
2) नैमित्तिक श्राद्ध - किसी विशेष पारिवारिक उत्सव पर जब मृतक को याद किया जाता है। 3) काम्य श्राद्ध - यह श्राद्ध किसी विशेष मनौती के लिए कृतिका अथवा रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाता है। श्राद्ध में कुश तथा तिल का महत्व. कुश को जल तथा सभी ... «Patrika, Oct 15»
श्रीमद्भगवद्गीता व सत्यार्थप्रकाश के अनुसार …
जीवों में दो प्रकार के ज्ञान व गुण होते हैं, प्रथम स्वाभाविक व दूसरा नैमित्तिक। स्वाभाविक गुणों को नैमित्तिक गुणों के द्वारा जीवात्मा मनुष्य योनि में सुधारता है व बिगाड़ता भी है। सद्गुणों व सदाचरण से यह देव कोटि वा दुगुर्णों एवं ... «Pravaktha.com, Oct 15»
जानिए 12 प्रकार के होते हैं श्राद्ध
विश्वामित्र स्मृति, निर्णय सिंधु तथा भविष्य पुराण में 12 प्रकार के श्राद्धों का वर्णन मिलता है। ये हैं नित्य, नैमित्तिक, काम्य, वृद्धि, सपिंडन, पार्वण, गोष्ठी, शुद्धयर्थ, कर्मांग, तीर्थ, यात्रार्थ, पुष्ट्यर्थ। नित्य श्राद्ध : यह श्राद्ध रोज ... «Nai Dunia, Oct 15»
मान सम्मान बढ़ाता है तृतीया तिथि का श्राद्ध
यही नहीं नैमित्तिक श्राद्ध लिंगदेह के लिए किया जाता है। एकोदिष्ट प्रकार के श्राद्ध नैमित्तिक श्राद्ध हैं। काम्य श्राद्ध विशिष्ट कामनापूर्ति के उद्देश्य के लिए किया जाता है। इस श्राद्ध को काम्य श्राद्ध कहा जाता है। फलप्राप्ति के ... «News Track, Sep 15»
क्या है श्राद्ध और क्यों है इसकी जरूरत?
पितृपक्ष का श्राद्ध ऐसा है कि नित्य यदि श्रद्धार्पण न बन पड़े, तो नैमित्तिक सही, करते रहना चाहिए. असली श्रद्धा तो नित्य देव पूजन, पितर पूजन, ऋषि आत्माओं का पूजन और सत्स्वरूप ईश्वर आराधन है. यह जितना अधिक हो सके, उतना ही सत्य की निकटता ... «आज तक, Sep 15»
जीवन की हर परेशानी दूर करेंगे ये 12 प्रकार के …
दूसरा नैमित्तिक श्राद्ध है जो एक पितृ के उद्देश्य से किया जाता है, उसे नैमित्तिक श्राद्ध कहते हैं। * तीसरा काम्य श्राद्ध है जो किसी कामना या सिद्धि की प्राप्ति के लिए किया जाता है। * चौथा पार्वण श्राद्ध है जो अमावस्या के विधान के ... «Webdunia Hindi, Sep 15»
क्रोध करना सरल, पर क्षमा करना बहुत मुश्किल
प्रारंभ में पूज्य मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने दशलक्षण पर्व की व्याख्या करते हुए कहा कि- दशलक्षण पर्व चैत्र, माघ तथा भादों के महिनों में वर्ष में तीन बार आते हैं। जैन समाज में मनाये जाने वाले कुछ पर्व शाश्वत होते हैं कुछ नैमित्तिक होते ... «दैनिक भास्कर, Sep 15»