WHAT DOES परमात्मा MEAN IN MARATHI?
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Definition of परमात्मा in the Marathi dictionary
Parmatma-Pu. 1 soul of the universe; Best Spirit; World- Administrator, omnipresent, omniscient Lord. 2 All the components of the base- Parabrahma being a ghost 3 Mukttma '(And the same spirit) is this Prakrit is free from the qualities of nature or body That means it is called God. ' -Geer 197. On the contrary Jivatma See life [No. Ultimate + Spirit] परमात्मा—पु. १ विश्वाचा आत्मा; सर्वश्रेष्ठ आत्मा; जग-
च्चालक, सर्वव्यापी, सर्वसाक्षी परमेश्वर. २ सर्व वस्तूंना आधार-
भूत असलेलं परब्रह्म. ३ मुक्तात्मा. '(आणि तोच आत्मा) या
प्राकृत म्हणजे प्रकृतीच्या किंवा देहाच्या गुणांपासून मुक्त झाला
म्हणजे त्यास परमात्मा म्हणतात.' -गीर १९७. याच्या उलट
जीवात्मा. जीवात्मा पहा. [सं. परम + आत्मा]
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6 MARATHI BOOKS RELATING TO «परमात्मा»
Discover the use of
परमात्मा in the following bibliographical selection. Books relating to
परमात्मा and brief extracts from same to provide context of its use in Marathi literature.
1
भारतीय दर्शन में आत्मा एवं परमात्मा: जैन दर्शन के विशेष ...
On Indic philosophy; with special reference of Jaina philosophy.
2
HIndi Alochana ki Paaribhashik Shabdavali - पृष्ठ 541
ऐसे रगथक थे, जी विरक्त, संभारत्यागी, परमात्मा के हैम में बेसुध रहते थे । उनके लिए न इस तीक के प्रनोभनों का छाई उपल आ और म स्वर्ग यते परि उनों छित भी । उनको चिता का एक मात्र जय ...
3
श्रीरामचन्द्र की वाणी (Hindi Sahitya): Sri Ramchandra Ki ...
श◌्रीराम हनुमान को बताते हैं,''तुम समस्त पर्ािणयोंमें िजस जीवात्मा को देखते हो,वह परमात्मा का ही पर्ितिबम्बहै।क्या तुम पर्त्येक सरोवर या सिरता में आकाश को ही पर्ितिबिम्बत ...
स्वामी ब्रह्मस्थानन्द, Swami Bramasthananda, 2014
4
सच्चा सुख (Hindi Self-help): Sachcha Sukh (Hindi Self-help)
एकत्वभाव से परमात्मा की उपासना करनेवाले साधक को चािहये िक वह उपयुर्क्त पर्कार से आसन पर बैठकरमन में रहने वाले सम्पूणर् संकल्पों का त्याग करकेइस पर्कार भावना करे। (1)एकआनन्दघन ...
जयदयाल गोयन्दका, Jaidayal Goyandka, 2014
5
Tarka Samgraha-Annambhatt Pranit (Swapogya Vyakhya ...
परमात्मा और जीवात्मा में से एक सर्वज्ञ और एक है, दूसरा अल्पज्ञ और अनेक है । एक अता है, दूसरा उस भ्रष्टता के हाथ का खिलौना : एक सुख दुख रहित है, दूसरा सुख दुख का अनुभव करता है । फिर भी ...
6
Paise Se Parmatma Ki Or - पृष्ठ 7
जो उस रास्ते से परमात्मा की ओर जाने का साहस करते हैं, उनके सामने जिन-बाधने का भय तभी बलान और कामिनी को येन-नोन-पकर प्राप्त करने का पत्गेमन पग-पग पर अपने जाल में पंवसाने के लिए ...
10 NEWS ITEMS WHICH INCLUDE THE TERM «परमात्मा»
Find out what the national and international press are talking about and how the term
परमात्मा is used in the context of the following news items.
गुरु की कृपा से मिलता है परमात्मा से मिलने का …
मैनपुरी, कुरावली: मंगलवार दोपहर कस्बा के जीटीरोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सामने 17 वें त्रिदिवसीय महान सत्संग समारोह का शुभारंभ सदर विधायक राजकुमार यादव उर्फ राजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कस्बा के जीटीरोड पुरानी लहसुन ... «दैनिक जागरण, Oct 15»
परमात्मा की कृति और प्रकृति में हो दुर्गा पूजा
बीकानेर | नवरात्रामें परमात्मा की कृति और प्रकृति की पूजा मनुष्य को दुर्गा पूजा के रूप में करनी चाहिए। ये बात मंगलवार को स्वामी विशोकानंद महाराज ने रामचरित मानस के पाठ करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मानव परमात्मा की सर्वश्रेष्ठ कृति ... «दैनिक भास्कर, Oct 15»
परमात्मा संसार के कण-कण में हंै विद्यमान …
साध्वी शास्त्री ने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि परमात्मा मूर्तियों में नहीं और ही मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों और चर्चों में है। परमात्मा तो जग के कण-कण में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि परमात्मा दृष्टि का नहीं, अनुभूति ... «दैनिक भास्कर, Oct 15»
मां, महात्मा व परमात्मा का आशीर्वाद जरूरी
लातेहार : अयोध्या के ¨चताहरण पगड़िया बाबा ने कहा कि श्रीराम की कथा मानव को जीवन जीने की कला सिखाती है। भगवान की कथा संसार में 84 लाख जीवों के जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है। संसार को देखने के लिए दुकान में चश्मा मिल सकता है लेकिन ... «दैनिक जागरण, Oct 15»
परमात्मा के संविधान अनुसार कार्य करें
उन्होंने कहा कि जंगल में भटकने से, जप, तप करने से, परमात्मा नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि पूर्ण गुरु की शरण में आ, प्रभु को पा, पांच तत्व से सृष्टि का सृजन करने वाले परम ऊर्जावान परम शक्ति प्रभु को पाने के लिए खुद को गुरु चरणों में लगा लें। «दैनिक भास्कर, Oct 15»
अपने अंदर छिपे परमात्मा को पहचाने
रामनगर : परमात्मा किसी से दूर नहीं है, लेकिन स्वार्थ में फंसा मानव अपने भीतर छिपे परमात्मा को ही नहीं पहचान पा रहा है। मन में छिपे परमात्मा को पहचानने की आज जरूरत है। यह बात स्वामी चैतन्यपुरी महाराज ने यहां हरिकृपा आश्रम चित्रकूट में चल ... «दैनिक जागरण, Oct 15»
मोह माया से दूर रहें और परमात्मा का सिमरन करें
फतेहाबाद | साध्वीरजत रश्मि महाराज ने कहा कि ज्यादातर लोग मोह माया के चक्कर में उलझे रहते हैं। इसीलिए वे दुखी रहते हैं। मोह माया में उलझने की बजाय नियमित रूप से परमात्मा का नाम सिमरन करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन को सुखमय बनाने का ... «दैनिक भास्कर, Oct 15»
ऐसे लोग सच्ची भक्ति का अनुभव नहीं कर सकते
यह सब होता है होशपूर्वक, बौद्धिकता के साथ, लेकिन यह बस अभिव्यक्ति होती है। इसकी व्याख्या-विवेचना संभव है। परंतु जब भक्त की भक्ति से परमात्मा प्रकाशित होता है, तो वह अभिव्यक्ति नहीं, अभिव्यंजना होती है। इस अवस्था में मन, वाणी, बुद्धि और ... «दैनिक जागरण, Oct 15»
गुरु कृपा से मिलते परमात्मा : दयालचंद
निरंकारी मिशन के महात्मा दयाल चंद ने प्रवचन कहा कि गुरु की कृपा से हमें परमात्मा मिला है। सतगुरु हमेशा प्रभु से जोड़ता है और संसार को सुखी करता है। गीता में भी कृष्ण जी ने अर्जुन को बताया था कि जो इंसान पूर्ण सतगुरु से ज्ञान प्राप्त ... «दैनिक जागरण, Oct 15»
एक परमात्मा की होनी चाहिए पूजा
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुजा एक परमात्मा की होनी चाहिए।वह अकेले ही मनुष्य के सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर दिया। भटकने की ... वही परमात्मा से मिलन का रास्ता दिखाता है।बमानव को भजन के बिना प्रभु के शरण में जाने वाला मार्ग नहीं मिल ... «अमर उजाला, Oct 15»