WHAT DOES उबवण MEAN IN MARATHI?
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Definition of उबवण in the Marathi dictionary
Brooding (K) Ambe etc. Grass to be used [Of] Dubey; M Boiling] उबवण—न. (कु.) आंबे वगैरेची आढी घालण्याकरितां
वापरण्यांत येणारें गवत. [का. उब्बे; म. उबवणें]
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8 MARATHI BOOKS RELATING TO «उबवण»
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उबवण in the following bibliographical selection. Books relating to
उबवण and brief extracts from same to provide context of its use in Marathi literature.
... वाजारांत फार वेल थ-जिले गोते शानी तमुक सोनतप्रेयाचा रस्ता धरला० पास्काचा अंदाज आला नसला/ह वनी उबवण घेतले न-हते मम पण आती पाऊस कोणत्या घटकेला कोसलेल, यार नेम न-हता, दे मैं .
Madhu Maṅgeśa Karṇika, 1962
2
Marāṭhī sãśodhana - व्हॉल्यूम 1-2
उबटारगठाण-साण उबस-धाण वास हा ( उबवण. राजवरत्मा ) विशेषमें अगरगई इला उमा ( करा और ( संडगा केद्वान कोका कोगल्ला कोगी र्कतकशोहै कोक रर्वत]गाठाबक गतकेहीं गुचकुला ( ध्याय र्थक है ...
Marāṭhī sãśodhana-patrikā, Anant Kakba Priolkar, 1966
खउन्हाद्धाभर ती रानभर हिद्धन जो कुरपुदे जनाकन माभील पण पासंग भार्वडाने थेऊन इधित निधाला नि पावसाला सुलात इरात्मि उबवण काहीच नचाते गोरापट]ची पक खोठा होती पण रात्री बाबाने ...
Madhu Maṅgeśa Karṇika, 1982
4
The Deśînâmamâlâ of Hemachandra - पृष्ठ 59
उभयपाईख्या: । उससे: तथा उबरुवंधिची स्वगत रोदन, । उअंसिंज उकांसेतमिति तु उर्भासेधाखादेशश्चिए 1. यथा । उबश्चिहासास उमुक्तिअदुन्धिभार दुर विरहे । उबवण बीस कयचण्डमिच सरीखी पि ।
Hemachandra (Disciple of Devachandra.), Richard Pischel, Georg Bühler, 1880
5
Hindi Pratyakṣa shārīra: the Hindi translation of the ... - व्हॉल्यूम 2
काले में बहि:स्था पेशियों से पर्ण" का उबवण होना और नि:श्वास काल में अवस्था पेशियों से अवनमन होता है : उरधिकोणिका५-नाम की अकेल", पेशी उर-फलक के पीछे में शेयरों तरस जैल कर रहती है ...
यहीं उबवण तथा अनुल्यण, दोनों पाठ ले सकते हैं : 'उ-लण' पाठ लेने से अर्थ होगा--जहाँ नाद सशक्त, दृढ़ तथा गाड़ हो तो वहाँ 'माधुर्य' है । माधुर्य का मार्दव अर्थ लेने से पाठ 'अनु-वण' होगा, ...
Lakshmīnārāyaṇa Garga, 1978
7
Gadanigrahaḥ - व्हॉल्यूम 2
क्यों-र-मशस्य दोषम तेवां कार: चिकी-सितार ।। है १२ 1. विषमय-वर क्रिशेषज होते हैं-सभी विषम-ज्वर सधिपातज ( विशेषज्ञ ) होते है : इस विषम-ज्वर में जो दोष प्रधान ( उबवण ) हो उसकी चिकित्सा ...
Soḍhala, Gaṅgāsāsahāya Pāṇḍeya, Indradeva Tripāṭhī, 1969
8
Bhaiṣajyaratnāvalī: - व्हॉल्यूम 2
इस रस की पक २ गोली ज्वरातिसार, अतिसार, यदूप्रकार के प्रहया१विकार और उबवण स्थातिसार में प्रयुक्त करनी चाहिए ही १६४-११५ ही 1अत१सारवारणों रसादरद कृब९रं मुल्लेन्द्रयवसंयुतपू ।
Govindadāsa, Brahmaśaṅkara Miśra, Ambikādatta Śāstrī, 1969