10 HINDI BOOKS RELATING TO «वनद»
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वनद in the following bibliographical selection. Books relating to
वनद and brief extracts from same to provide context of its use in Hindi literature.
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Vaidika kośa - Volume 3
२०/रारो२रा वनद- (३) रजलदाता मेन (२ ) इरानपद रारर (३) रतोता | और्यपर यम्ये रोपझरक् वनत पननर ( निसा २ चि५ (३) वन का उरर्थ रगुस्तरारिय यर राशरत गदधि है | उणवचन में प्रयोग है | जाषई दृ- स्मुहराश्चि ...
Candraśekhara Upādhyāya, Anila Kumāra Upādhyāya, 1995
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Selections from the Maráthí poets
५५१ ५ टुदब. करवा: ३ धडस्वीत-बठठत. थणी-लाझ तृप्ति. वपल्यत्रु.. वनद'-कुय५३र. अंब...धसुंय. धमनी-फु'कणी. थर...पक्त३. धग-पृवी धरारमण---पुसंव२पति, राजा. धवल-शुभ्र] धवलारें-यरक्वे३. धवल्ठणे-शुध करणे".
Parashuram Pant Godbole, 1864
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Amarkosha-Amarsingh Virachit ( Vishwanath Jha) Sampurna
इत्यजय: । अरी रखी स्वजातिषेल्लेपुसे मणावपि नपुयए । इति मेदिनी है पृ, :14 स्वय कानी नीरे निवासे मिलने वनद । इति रम । ८. तांलेनं विरले खोके उछेपुष्टि समाना: सत्सम्१के (, पिन खल-सूझा ...
... सुपय८८७ सुन्दर; प"वनद:यर्षजाब; आर्यावर्त-अ-भारता, ओज-तेजा, नकारने अशोक पृष्ट-संख्या-न ३ ५-१ ४५:----धुप्र-चमटर्मला; आन्तरिकभीतरी; प्रकोष्ट-त-चयन; महामात्य-च प्रधान-मंत्री; आहत-चपला, ...
Vishnu Ambalal Joshi, 1966
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Kitane ghāṭa kitane pānī - Page 27
जिले को अपनी यही वनद की सेया और खातिरी तो मृत करनी पड़ती, अपने मतजे सं:त्जियों की आवभगत का हर सामान जुटाना होता । उनने जैसे 7:., मजाक का रि१ता भी निभाना पड़ता, पर मीर से यर लगाय ...
Gaṅgāprasāda Śrīvāstava, 1997
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Hindī śabdasāgara - Volume 9
वनद--संदा 1० [सं०] मेघ । बादल । वनदाह-सेरा दु" [सं०] वनाग्नि । वनते-सोजा 1० [सं.] वनच"पक पुष्प : वनदेव, वन१वता---सेक्षा दु० [ली] वन का अधिष्ठाता देवता । वड-गोबी-जा रबी" [सं"] वन पत्ता अत्वझात्री ...
Śyāmasundara Dāsa, Bālakr̥shṇa Bhaṭṭa
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Vinayapatrikā: ālocanā aura bhāshya : Ema.E., sāhitya ...
वनद हैर मेघ । वनचर ध्वज 27/2 मनि केतु, कामदेव 1 ' सुनकर = सुलभ : दुर्मार्ति मि कठिन दु:ख । वेद गर्म जिद: ब्रह्मा है अर्मक इ: बालक । अभ्र उट बहुत । निर्वाय उ-द नाश : तरल-औ-द चंचल [ तभी टा: गोत्र ...
Tulasīdāsa, Dan Bahadur Pathak, 1964
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Gōsvāmī Tulasīdāsa kr̥ta vinaya-patrikā
करि टाई हाथों । कटक द्वाह को । अगद ज्ञा-ह वितापठ । श-थय तय जानने बया । अति-कतय :22 महाप्रलय । तलब द्वा-ब: सेज । वनज प्रद कमल । वनद प्रदाह बादल । वनचरत-दमक] । वनचरध्वन--=कामदेव । वेदगर्म:=ब्रया ।
Viśvanāthaprasāda Caubē, Tulasīdāsa, Bhagwan Din (tr.), 1949
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Niruktasāranidarśana - Page 104
तस्कर-इसका एक पर्याय वस है-सनद वनगामिनी' घोर या था प्राय: निर्जन वन में रहते है अता उनकी संज्ञा हुई वनद । इसका एक पर्याय 'तपु:' है, जिससे अंग्रेजी का 'थीफ' (11.1) बना । 'त' का-थ' और 'प' का 'फ' ...
Kuṃvaralāla Vyāsaśishya, 1978
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Laghusiddhāntakaumudī: Prābhākarīhindīsaṃskr̥taṭīkā-yutā
... यह स्थिति सभी गकारादि था की होगी ? तब बोले गोपदेर्वए:--च्छा देय न: है गोपदेश.वनद-नाटि-नाथ-ना०नन्दलच हु-नुत: है ९ उपसर्मादसमासेहुपि णीपदेशस्य ८ १३ तो च ( प्रकरण 1- प्राभाकरीधुता 1 १(३.
Varadarāja, Prabhākara Miśra, Śaśidhara Miśra, 1983